Strait of Hormuz Row: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एक बड़ी तेल कंपनी के प्रमुख ने गुरुवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। UAE की कंपनी ने ईरान के खिलाफ तीखी बयानबाजी करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम जलमार्ग का किसी भी रूप में हथियार के तौर पर इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
खड़े हैं तेल से लदे 230 जहाज
संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के CEO सुल्तान अल-जाबेर ने बड़ा बयान दिया। सुल्तान अल-जाबेर ने ऑनलाइन कहा कि तेल से लदे हुए लगभग 230 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए तैयार खड़े हैं, जिस पर अब ईरान का पूरी तरह से नियंत्रण है।
जहाजों को गुजरने की हो पूरी आजादी
अल-जाबेर ने कहा, "जहाजों को बिना किसी शर्त के इस गलियारे से गुजरने की पूरी आजादी होनी चाहिए। किसी भी देश को यह तय करने का कोई वैध अधिकार नहीं है कि कौन यहां से गुजर सकता है और किन शर्तों पर। उन्होंने कहा "ईरान ने अपने बयानों और कामों, दोनों से यह साफ कर दिया है कि यहां से गुजरना अनुमति, शर्तों और राजनीतिक दबाव पर निर्भर है। यह नेविगेशन की आजादी नहीं है। यह जबरदस्ती है।"

EU ने होर्मुज पर साफ किया रुख
संयुक्त अरब अमीरात के अलावा यूरोपीय संघ ने भी कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बिना किसी भी तरह के भुगतान या टोल के सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह बात EU ने तब कही जब ईरान ने संकेत दिया कि वह इस महत्वपूर्ण खाड़ी जलमार्ग से जहाजों को गुजरने देने के लिए शुल्क ले सकता है।
क्या बोले EU के प्रवक्ता?
यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता अनवर अल अनुनी ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय कानून नौवहन की स्वतंत्रता का प्रावधान करता है, जिसका मूल रूप से अर्थ है, किसी भी तरह का कोई भुगतान या टोल नहीं। नौवहन की स्वतंत्रता एक सार्वजनिक हित है और इसे सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।"
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